इन्दौरमध्य प्रदेश

शाजापुर में 16 हजार रुपए प्रति क्विंटल पहुंचे लहसुन के दाम

शाजापुर

 गर्मी के मौसम में अब लहसुन के दाम भी 15 हजार रुपए प्रति क्विंटल को पार कर गए हैं, वहीं प्याज के भाव भी 1700 रुपए प्रति क्विंटल पर चल रहे हैं। कृषि उपज मंडी शाजापुर में बीते एक महीने में लहसुन के दाम में दो से तीन हजार प्रति क्विंटल बढ़ोतरी देखने को मिली। मंगलवार को 726 क्विंटल लहसुन की आवक रही और भाव न्यूनतम 2000 और अधिकतम 15 हजार 500 तक रहे।

दरअसल लहसुन के दाम बढ़ने के पीछे जो मुख्य वजह किसान बता रहे हैं वह है लहसुन की फसल का खराब होना और उपज का कम होना है। वहीं किसानों व व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में लहसुन के दाम में और ज्यादा तेजी देखने को मिलेगी। मंगलवार को सोयाबीन की 1176 क्विंटल आवक रही और भाव 3700 न्यूनतम और अधिकतम 4699, गेहूं की आवक 2065 क्विंटल आवक रही और भाव 2011 न्यूनतम और अधिकतम 2926 रुपए प्रति क्विंटल रही।

चना विशाल 28 क्विंटल आवक रही और भाव 6420 न्यूनतम और अधिकतम 6576 रुपए प्रति क्विंटल रहे। रायड़ा 72 क्विंटल आवक और 5000 न्यूनतम और 5435 रुपए अधिकतम प्रति क्विंटल भाव रहा। प्याज 5857 क्विंटल आवक और भाव 200 से 1750 प्रति क्विंटल रहे।

साल भर रहती है डिमांड

किसानों का कहना है कि लहसुन की एक खासियत है कि यह मसाला तो है, लेकिन सब्जी की तरह है, इसे स्टोर करके नहीं रखा जा सकता है। कुछ दिन में यह खराब हो जाता है। इसका स्टाक तभी किया जा सकता है, जब डिहाइड्रेशन करके लहसुन से पानी को सोख लिया जाए। ऐसा काफी कम जगह पर किया जा रहा है।

लहसुन की डिमांड साल भर रहती है, लेकिन इसके शाजापुर मंडी में आने का समय सात से आठ महीने होता है। वर्तमान में डिमांड बनी हुई है, सप्लाई के मुताबिक मांग ज्यादा है। इसके अलावा हर महीने इसकी जरुरत रहती है, डिमांड और सप्लाई के चलते दाम अच्छे बने हुए हैं। इस बार लहसुन का उत्पादन कम हुआ है, जिसके चलते मांग पूरे साल बनी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

चार लाख के खर्चे में 15 लाख का उत्पादन

जिले के बोलाई निवासी ब्रजेश वर्मा ने 10 बीघा क्षेत्र में लहसुन की फसल का उत्पादन किया था, उनके करीब नौ क्विंटल प्रति बीघा से ज्यादा का लहसुन उत्पादित हुआ है। वह मंडी में एक बार आकर अपना माल बेच चुके हैं, अभी लहसुन का स्टाक भी किया है। मंडी में लहसुन का 15 हजार प्रति क्विंटल के भाव में राशि उन्हें मिली है। उनका कुल उत्पादन करीब 100 क्विंटल के आसपास है। करीब 15 लाख रुपए की फसल उन्होंने उगाई है, खर्चा चार लाख के आसपास हुआ है।

रकबा बीते साल से जरूर बढ़ा

किसान प्रेम सिंह गुर्जर, ज्ञान सिंह सिंह वर्मा ने बताया कि इस साल भी लहसुन के भाव काफी अच्छे हैं। शुरुआत में अच्छी क्वालिटी का लहसुन 25 से 30 हजार रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा था। फरवरी में दाम कम हो गए थे लेकिन अब रोज दामों में इजाफा हो रहा है।

अच्छी क्वालिटी के लहसुन के दाम 15 से 16 हजार रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गए हैं। रकबा बीते साल से जरूर बढ़ा है, लेकिन पैदावार कम है। व्यापारियों के अनुसार स्टाक के लायक अभी माल आ रहा है। जितना अच्छा माल सीजन के बाद में किसानों के पास होगा, उतने ही अच्छे दाम उन्हें मिलेंगे।

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