तथ्य जाँच नीति (Fact-Check Policy)
MP Shining सटीकता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानता है। हर खबर को प्रकाशन से पहले निम्न तथ्य जाँच प्रक्रिया से गुज़रना होता है।
हमारी जाँच प्रक्रिया
स्तर 1: स्रोत सत्यापन
- क्या स्रोत विश्वसनीय और स्थापित है?
- क्या कम से कम दो स्वतंत्र पुष्टियाँ उपलब्ध हैं?
- क्या मूल दस्तावेज़ या रिकॉर्डिंग देखी गई है?
स्तर 2: तथ्यात्मक सटीकता
- नाम, उपाधि, आयु, और पद की जाँच
- तारीख, समय, और स्थान की पुष्टि
- संख्याओं और आँकड़ों की मूल स्रोत से तुलना
- उद्धरणों की रिकॉर्डिंग/लिखित बयान से जाँच
स्तर 3: दृश्य सामग्री
- तस्वीरों की reverse-image search
- वीडियो का मेटाडेटा सत्यापन
- स्थान और तिथि की पुष्टि
- संदिग्ध सामग्री के लिए विशेषज्ञ राय
स्तर 4: संदर्भ
- क्या यह खबर पुरानी घटना तो नहीं?
- क्या इसका कोई भ्रामक संदर्भ है?
- क्या इसके राजनीतिक/सामाजिक प्रभाव की समझ है?
हम किन स्रोतों पर विश्वास करते हैं
हम निम्न प्रकार के स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं:
- सरकारी एजेंसियाँ (PIB, राज्य सरकारें, चुनाव आयोग, RBI, आदि)
- स्थापित न्यायालय रिकॉर्ड
- पीयर-रिव्यू वैज्ञानिक प्रकाशन
- स्थापित समाचार एजेंसियाँ (PTI, ANI, Reuters, AP)
- नागरिक समाज और अनुसंधान संस्थान
- विशेषज्ञ साक्षात्कार (नाम-स्पष्ट)
संदेहास्पद स्रोत
हम निम्न स्रोतों की पुष्टि के बिना खबर नहीं चलाते:
- अनाम सोशल मीडिया पोस्ट
- WhatsApp फॉरवर्ड
- एकल अप्रामाणित गवाह
- संपादित या उद्धरण के बिना दृश्य
वायरल दावों की जाँच
जब कोई दावा सोशल मीडिया पर वायरल होता है, तो हम उसे “ब्रेकिंग” नहीं चलाते — बल्कि पहले उसकी स्वतंत्र पुष्टि करते हैं। यदि दावा गलत निकले, तो हम “फेक न्यूज़” टैग के साथ खंडन प्रकाशित करते हैं।
विशेषज्ञ नेटवर्क
विशिष्ट विषयों के लिए हम स्थापित विशेषज्ञों से परामर्श करते हैं — कानून, चिकित्सा, अर्थशास्त्र, विज्ञान, राजनीति आदि।
त्रुटि होने पर
हर कोशिश के बावजूद कभी-कभी त्रुटि हो सकती है। ऐसे में हमारी सुधार नीति लागू होती है।
आप कैसे मदद कर सकते हैं
यदि आप किसी ख़बर में संदिग्ध दावे को देखते हैं, तो हमें सूचित करें: factcheck@mpshining.com